भोपाल: मध्य प्रदेश के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपने हाथ में ले ली है। सीबीआई की टीम भोपाल पहुंच चुकी है और मामले में औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। एजेंसी अब दहेज हत्या, प्रताड़ना, साजिश और अन्य संभावित अपराधों के सभी पहलुओं की जांच करेगी।
सीबीआई ने भोपाल के कटारा हिल्स थाने में पहले से दर्ज एफआईआर को री-रजिस्टर करते हुए कार्रवाई शुरू की है। मामले की जांच दिल्ली में तैनात सीबीआई के एसपी राजबीर सिंह के नेतृत्व में की जाएगी, जबकि डीएसपी निशु कुशवाहा को जांच अधिकारी बनाया गया है।
कटारा हिल्स में हुई थी संदिग्ध मौत
यह मामला भोपाल के कटारा हिल्स इलाके का है, जहां 12 मई 2026 को ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। मामले को गंभीर मानते हुए अब सीबीआई ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 85 और 3(5) के साथ-साथ दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत केस दर्ज किया है। एजेंसी ने 25 मई 2026 को एफआईआर नंबर RC0522026S0004 दर्ज की।
शादी के बाद दहेज प्रताड़ना के आरोप
एफआईआर के मुताबिक ट्विशा शर्मा की शादी 9 दिसंबर 2025 को समर्थ सिंह से हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष की ओर से अतिरिक्त दहेज की मांग की जा रही थी और मृतका को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।
परिवार ने आरोप लगाया है कि करीब 2 लाख रुपये की मांग को लेकर ट्विशा पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
पति और सास बनाए गए आरोपी
मामले में समर्थ सिंह और उनकी मां गिरीबाला सिंह को आरोपी बनाया गया है। दोनों का पता बाग मुगलिया एक्सटेंशन, कटारा हिल्स, भोपाल बताया गया है। एफआईआर के अनुसार 12 मई की रात करीब 10:20 बजे महिला की मौत की सूचना पुलिस को मिली थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी की पुष्टि
पुलिस और मेडिकल जांच में सामने आया कि महिला की मौत फांसी लगाने से हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में “एंटेमॉर्टम हैंगिंग” की पुष्टि हुई है, जिसका मतलब है कि महिला ने जीवित अवस्था में फांसी लगाई थी। रिपोर्ट में शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के निशान भी पाए गए, जिन्हें भारी वस्तु से चोट या मारपीट से जुड़ा माना जा रहा है।
सीबीआई ने शुरू किया क्राइम सीन विश्लेषण
मामले की जांच के दौरान एसआईटी ने आरोपी समर्थ सिंह के घर पर क्राइम सीन भी रिक्रिएट किया। अब सीबीआई पूरी घटनाक्रम की बारीकी से जांच करेगी और सभी परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को खंगालेगी।
मध्य प्रदेश सरकार ने दी जांच की मंजूरी
मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने दिल्ली स्पेशल पुलिस एस्टैब्लिशमेंट एक्ट की धारा 6 के तहत केस सीबीआई को सौंपने की सहमति दी थी। इसके बाद केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने 25 मई 2026 को अधिसूचना जारी कर सीबीआई को पूरे मध्य प्रदेश में जांच का अधिकार प्रदान किया।
अब एजेंसी इस हाई-प्रोफाइल मामले में हर एंगल से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
